तमिलनाडु के करूर में टीवीके पार्टी के प्रमुख और साउथ फिल्मों के चर्चित अभिनेता विजय थलपति की रैली में भीषण भगदड़ मच गई जिसमें 39 लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए। रैली में फैंस की संख्या अनुमान से कई गुना अधिक होने के कारण परिस्थितियां पूरी तरह से काबू से बाहर हो गईं। बड़ी संख्या में आए लोग विजय थलपति की एक झलक पाने के लिए उमड़े थे, लेकिन भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस प्रशासन की तैयारियां इतने विशाल जनसमूह के लिए पर्याप्त नहीं थीं, जिससे बचाव और राहत कार्यों में परेशानी हुई।

विजय ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिवारों से संवेदना प्रकट की है। यह हादसा एक बार फिर यह दिखाता है कि बड़े सार्वजनिक आयोजन में सुरक्षा इंतजाम और भीड़ नियंत्रण कितना महत्वपूर्ण होता है। इस घटित दुखद घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

 

अल्लू अर्जुन की फिल्म 'पुष्पा 2' के प्रीमियर पर हुई भीड़ से भगदड़, एक महिला की मौत

साउथ के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की फिल्म 'पुष्पा 2' के प्रीमियर के दौरान हैदराबाद के संध्या थिएटर में हुए कार्यक्रम में भी भीड़ नियंत्रण में चूक के कारण भगदड़ मच गई। फैंस की भारी भीड़ एक झलक पाने के लिए जुटी थी। पुलिस प्रशासन की पकड़ न होने से अफवाह और भी गहराई में पहुंच गई। इस घटना में एक महिला की मौत हुई और उसका बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। बेगमपेट के केआईएमएस अस्पताल में घायल बच्चे का इलाज चल रहा था।

इस मामले में 13 दिसंबर को अल्लू अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया गया था और निगमली कोर्ट में पेश किया गया। गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया और लगभग तीन घंटे तक पूछताछ हुई। बाद में हाईकोर्ट से अल्लू को अंतरिम जमानत मिली। यह घटना फिल्मी सितारों के आयोजनों के दौरान होने वाली भीड़ नियंत्रण की समस्याओं को उजागर करती है।

 

जूनियर एनटीआर के म्यूजिक लॉन्च इवेंट में हुई भगदड़ और एक फैन की मौत

साल 2013 में जूनियर एनटीआर की फिल्म 'बादशाह' के म्यूजिक लॉन्च के दौरान भीड़ के अत्यधिक हस्तक्षेप से भगदड़ मची। हजारों की संख्या में जुटे फैंस ने अचानक तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी। इस भगदड़ में एक कट्टर फैन की मौत हो गई। जूनियर एनटीआर ने इस दुख में पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये दिए और लगातार करीब 12 साल से उस परिवार की मदद करते आ रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना ने सितारों और आयोजकों को बड़ा संदेश दिया कि फैंस की भीड़ में आयोजक को पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए ताकि भारी जनसमूह में ऐसी घटनाएं न हों।

शाहरुख खान के 'रईस' प्रमोशन के दौरान वड़ोदरा स्टेशन पर भगदड़, 1 व्यक्ति की मौत

साल 2017 में शाहरुख खान द्वारा फिल्म 'रईस' के प्रमोशन के लिए गुजरात के वड़ोदरा रेलवे स्टेशन पर फैंस की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान अचानक भगदड़ मचने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हुए। यह घटना उस समय की थी जब शाहरुख खान मुंबई से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में यात्रा कर रहे थे।

घटना के बाद शाहरुख खान के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करवाया गया था। यह हादसा भी दर्शाता है कि बड़े स्टार के आयोजनों में भीड़ नियंत्रण वास्ता कितना जरूरी होता है ताकि जान-माल की रक्षा हो सके।

 

अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ की फिल्म 'बड़े मियां छोटे मियां' के कार्यक्रम में बनी भगदड़

2024 में लखनऊ के घंटाघर मैदान में अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ की फिल्म 'बड़े मियां छोटे मियां' के कार्यक्रम के दौरान भीड़ के नियंत्रण की कमी से भगदड़ जैसी स्थिति बनी। कलाकारों के हवाई स्टंट और भीड़ के हुजूम में अचानक बेकाबूपन फैल गया। सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज कर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन करीब कई लोग घबराए और जगह छोड़ने लगे।

यह घटना बड़े आयोजनों के लिए सुरक्षा के अभाव को उजागर करती है और दर्शाती है कि फैंस की दीवानगी कब हादसे में बदल सकती है।

 

महेश बाबू के प्री-रिलीज इवेंट में भगदड़, फैंस की बढ़ी दीवानगी से उठे सवाल

जनवरी 2024 में महेश बाबू की फिल्म 'गुंटूर कारम' के प्री-रिलीज इवेंट में भी भगदड़ हुई थी। फैंस अपनी पसंदीदा स्टार की झलक पाने के लिए खंभों पर चढ़े और कुर्सियां इधर-उधर फेंकी गईं। भीड़ में धक्कामुकी और हालात बिगड़ गए। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि फैंस की दीवानगी किस हद तक भीड़ में तब्दील हो सकती है।

 

 

चिरंजीवी की फिल्म 'टैगोर' की शूटिंग के दौरान फैंस और पुलिस में भिड़ंत

साउथ के बड़े अभिनेता चिरंजीवी की फिल्म 'टैगोर' की शूटिंग के दौरान तिरुपति में फैंस का हुजूम उमड़ पड़ा। स्थिति काबू से बाहर हो गई और पुलिस ने काबू पाने के लिए लाठीचार्ज किया। भीड़ ने जवाब में पथराव किया, जिससे दो लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इस हादसे ने आम जनता और प्रशासन के बीच तालमेल की जरूरत को फिर से सामने रखा।

इन सभी घटनाओं ने साफ कर दिया है कि बड़े सितारों और लोकप्रिय आयोजनों में निगरानी, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा इंतजाम सबसे जरूरी हैं। सितारों की लोकप्रियता और फैंस की दीवानगी कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसलिए हर आयोजन में प्रशासन और आयोजकों को सतर्क रहना होगा ताकि ऐसी दुखद घटनाएं पुनः न हों।