सोशल मीडिया की दुनिया हर रोज हमें कुछ न कुछ नया दिखाती रहती है। कभी कोई अनोखा डांस तो कभी कोई अजीबोगरीब जुगाड़। लेकिन इस बार जिस चीज ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है, वह है चलता-फिरता बेड। दरअसल, एक शख्स ने अपने बेड को इस तरह से तैयार कर दिया कि वह न सिर्फ घर के कमरे तक सीमित रहा बल्कि अब सड़कों पर भी घूम सकता है। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर आया, देखते ही देखते करोड़ों लोगों ने इसे शेयर करना शुरू कर दिया। लोगों की पहली प्रतिक्रिया यही रही कि "भाई, यह तो बेमिसाल जुगाड़ है।" कुछ लोग इसे मजाक में ले रहे हैं तो कुछ गंभीरता से सोच रहे हैं कि आखिर इस तरह का विचार किसी को कैसे आया होगा।

इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शख्स अपने आरामदायक बेड पर लेटा हुआ है और वह बेड पहियों पर धीरे-धीरे सड़क पर चलता जा रहा है। चारों ओर खड़े लोग इसे देखकर हैरान रह जाते हैं। कई लोग इस पर वीडियो बनाकर और भी ज्यादा वायरल कर देते हैं। जिस रफ्तार से यह वायरल चलता-फिरता बेड सोशल मीडिया पर छा गया है, उससे यह कहना गलत नहीं होगा कि इस तरह के देसी जुगाड़ भारतीयों की खासियत होते हैं। यह एक तरह से रचना और रचनात्मकता का सबसे बड़ा नमूना है।

 

लोगों की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर मचा धमाल

यह कहना गलत नहीं होगा कि इंटरनेट की ताकत ही किसी भी चीज को रातों-रात मशहूर बना सकती है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से लोग ना सिर्फ हंस रहे हैं बल्कि इसके बारे में अपने विचार भी साझा कर रहे हैं। किसी ने इसे "देसी इनोवेशन" बताया तो किसी ने कहा, "अब यही भविष्य की गाड़ी है।" वहीं बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस मजेदार चलता-फिरता बेड को देखकर हैरान है।

ट्विटर पर इस वीडियो को लेकर ढेरों मीम्स बनाए जा चुके हैं। इंस्टाग्राम पर क्रिएटर्स ने इस चलती-फिरती बेड कार को लेकर मजेदार रील बनाए हैं। फेसबुक पर घरेलू जुगाड़ के पेज इसे शेयर कर रहे हैं और हर प्लेटफॉर्म पर चर्चा चल रही है। हालांकि गंभीर नजरिए से देखें तो यह शख्स वाकई में एक अद्भुत दिमाग का मालिक है जिसने एक सामान्य बेड को मोटर और पहियों से जोड़कर नया रूप दे दिया। इससे जाहिर होता है कि हमारी रोजमर्रा की जिन्दगी में छोटे-छोटे विचार किस तरह से बड़ी चर्चा में बदल सकते हैं।

लोगों की खुशी का आलम यह है कि वे अपने-अपने दोस्तों और परिवार को यह वीडियो दिखाकर जोर-जोर से हंस रहे हैं। कई लोग इसे अपनी जिंदगी की जरूरत भी बता रहे हैं। मजाक में लिखा गया, "अब तो ऑफिस जाने के लिए बस बेड ही चलाना पड़ेगा," जबकि दूसरे ने लिखा "किसी इंजीनियर को ताली दो जिसने ये कला सीखी।" कहना गलत नहीं होगा कि इस वायरल जुगाड़ ने लोगों को मनोरंजन के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर कर दिया है।

 

इंजीनियर और ऑटोमोबाइल कंपनियों की दिलचस्प प्रतिक्रिया

वायरल वीडियो सिर्फ जनता को ही नहीं भाया बल्कि इंजीनियरों और तकनीक से जुड़े लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर गया। बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां जब इस वीडियो तक पहुंचीं तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में ट्वीट करना शुरू किया। कुछ ने लिखा कि हमारे डिजाइनरों को अब यह वीडियो जरूर देखना चाहिए, वहीं किसी ने कहा कि भारतीय इंजीनियरिंग की कल्पनाओं की कोई सीमा नहीं होती।

हकीकत यह है कि चलता-फिरता बेड एक ऐसा इनोवेशन है जो पहली नजर में मजाक लगता है लेकिन इसके पीछे छिपा विचार बड़ा दूरदर्शी है। आजकल लोग आराम और सुविधा को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित रहते हैं। इस बेड कार ने बिल्कुल इसी भावना को पकड़ लिया है। सोचने वाली बात है कि आने वाले समय में जब लोग सड़क पर आराम करते हुए चलते दिखेंगे तो कैसा नजारा होगा।

तकनीकी नजरिए से देखें तो इस बेड में मोटर, पहिए और बैटरी का इस्तेमाल किया गया है। यह किसी स्कूटर या छोटी गाड़ी के साधारण पुर्जों को मिलाकर बनाया गया है। इस तरह से न केवल "देसी जुगाड़" की मिसाल पेश की गई बल्कि यह दिखाया गया कि थोड़ी कल्पना और मेहनत से कुछ भी संभव किया जा सकता है। इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र भी इसे लेकर चर्चा में जुटे हैं। कई जगह प्रोफेसरों ने इसे उदाहरण के तौर पर बताया कि क्रिएटिव सोच को अगर थोड़ा टेक्निकल ज्ञान मिल जाए तो बड़े से बड़ा मॉडल खड़ा किया जा सकता है।

 

इस जुगाड़ से खुला भारतीय रचनात्मकता का राज

भारत अपने जुगाड़ और क्रिएटिविटी के लिए हमेशा से मशहूर रहा है। गांव-गांव से लेकर शहर तक लोग अपनी समस्याओं का हल खोजने के लिए तरह-तरह के उपाय करते रहते हैं। कभी ट्रैक्टर को नाव बना दिया जाता है तो कभी साइकिल को पंखे का रूप दे दिया जाता है। लेकिन इस बार जिस चलता-फिरता बेड ने इंटरनेट पर धूम मचाई है, वह भारतीय सोच का एक नया अध्याय है।

अगर गौर से देखा जाए तो यह केवल एक वायरल वीडियो भर नहीं है। यह हमारे समाज को एक संदेश भी देता है। संदेश यह कि अगर इच्छाशक्ति हो और सोच नई हो तो बड़े से बड़ा आराम भी हासिल किया जा सकता है। खास बात यह है कि इस तरह के वीडियो युवाओं में नवाचार की भावना जगाते हैं। बच्चे इसे देखकर सोचते हैं कि कल को हम भी कुछ नया बना सकते हैं।

भारतीय संस्कृति में भी बिना साधन के कुछ बनाने की आदत सदियों से रही है। यह वायरल चलता-फिरता बेड उसी परंपरा की अगली कड़ी है। इसकी लोकप्रियता इस बात का सबूत है कि लोग अब सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि ऐसी चीजों की तलाश में रहते हैं जिनसे प्रेरणा मिले। कहीं न कहीं यह वीडियो इस बात को और मजबूत करता है कि "सोच बड़ी होनी चाहिए, साधन अपने आप मिल जाएंगे।"