कर्नाटक में राजनीतिक हलचल तेज है। पार्टी सूत्रों की मानें तो यदि वर्तमान मुख्यमंत्री Siddaramaiah को हटाया गया, तो D. K. Shivakumar इस पद का सबसे मजबूत दावेदार बनकर सामने आ रहे हैं। पार्टी हाई कमान फिलहाल कारण देख रहा है राज्य में सामाजिक समीकरण, चुनावी तैयारी और संगठनात्मक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय होगी। सूत्रों का कहना है कि कोई तीसरा नाम नहीं सामने आ रहा है, और बातचीत मुख्यतः इसी दो के इर्द‑गिर्द है।
हालाँकि, पीछले कुछ महीनों में दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से की है कि वे स्थिति सामान्य बनाए रखना चाहते हैं। श्रीधरमैया ने कहा है कि अगर हाई कमान चाहे, तो वे मुख्यमंत्री बने रहेंगे, और शिवकुमार ने खुद माना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के लिए अभी formally कुछ नहीं माँगा है।
फिलहाल पार्टी आलाधिकारियों ने इस मसले पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है लेकिन 1 दिसंबर से पहले कोई बड़ा ऐलान हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से कर्नाटक कांग्रेस की दिशा तय होगी: संगठन मजबूती बनाए रखेगा या सत्ता साझेदारी का मॉडल अपनाएगा। विश्लेषण यह भी कहता है कि चाहे फैसला जो भी हो कांग्रेस के लिए अब चुनौती होगी कि वे बदलाव के बाद सत्ता गुट संतुलन व समाज‑समीकरण को संतुलित रखें।


