NetBanking 2.0: नई डिजिटल पेमेंट प्रणाली जो है तेज, सुरक्षित और मोबाइल-फ्रेंडली
NPCI Bharat BillPay की NetBanking 2.0 प्रणाली लेकर आई है एक मोबाइल-फर्स्ट, यूजर-फ्रेंडली और एआई-आधारित सिक्योर डिजिटल पेमेंट अनुभव, जो QR कोड और डायरेक्ट बैंक ऐप रीडायरेक्शन के साथ ऑनलाइन भुगतान को आसान और भरोसेमंद बनाती है।
नेट बैंकिंग में बड़ा बदलाव: NetBanking 2.0 से डिजिटल पेमेंट होगा और भी आसान, सुरक्षित और मोबाइल-फ्रेंडली
भारत में नेट बैंकिंग अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है, जहां ऑनलाइन पेमेंट को न केवल सरल बनाया गया है बल्कि उसे पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित भी किया जा रहा है। NPCI Bharat BillPay Limited की MD और CEO नूपुर चतुर्वेदी ने बताया कि नया NetBanking 2.0 सिस्टम यूज़र्स को एक स्मूद, मोबाइल-फर्स्ट और भरोसेमंद डिजिटल पेमेंट अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक नेट बैंकिंग करते समय यूज़र्स को एक वेबपेज पर ले जाया जाता था, जहां उन्हें अपना यूज़र ID और पासवर्ड डालना पड़ता था। कई लोग पासवर्ड भूल जाते हैं, जिससे पेमेंट बीच में ही फेल हो जाता है। लेकिन अब नया सिस्टम इस झंझट को पूरी तरह खत्म कर देगा।
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NetBanking 2.0 में यूज़र सीधे अपने बैंक के मोबाइल ऐप में रीडायरेक्ट हो जाएंगे, जहां वे आसानी से भुगतान पूरा कर सकेंगे। इससे पूरा पेमेंट एक्सपीरियंस न केवल फास्ट होगा बल्कि पहले से ज्यादा यूज़र-फ्रेंडली और सिक्योर भी बनेगा।
नई प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा डायनेमिक QR कोड फीचर है। जब कोई भुगतान शुरू किया जाएगा, तब एक यूनिक QR कोड जेनरेट होगा जिसे यूज़र अपने बैंक ऐप से स्कैन कर तुरंत भुगतान कर पाएंगे। यह फीचर इसलिए जोड़ा गया है क्योंकि भारत में QR पेमेंट पहले से ही काफी लोकप्रिय और आसान माना जाता है।
नूपुर चतुर्वेदी के अनुसार, यह पूरा प्लेटफॉर्म मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण पर आधारित है, क्योंकि लगातार बढ़ती स्मार्टफोन उपयोगिता के चलते अधिकांश लोग मोबाइल ऐप के जरिए ही डिजिटल पेमेंट करना पसंद करते हैं। उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य किसी संख्या-आधारित लक्ष्य पर नहीं, बल्कि ज्यादा से ज्यादा बैंकों और पेमेंट पार्टनर्स को इस सिस्टम से जोड़ने पर है, ताकि पूरे देश में डिजिटल पेमेंट का नेटवर्क और मजबूत हो सके। वर्तमान में लगभग 30 करोड़ नेट बैंकिंग ट्रांजैक्शन हर महीने होते हैं और उम्मीद है कि नए सिस्टम से यह संख्या काफी बढ़ेगी।
सुरक्षा को लेकर भी नया सिस्टम काफी मजबूत बनाया गया है। शुरुआत से ही इसमें AI और ML आधारित Fraud Detection सिस्टम शामिल है, जो संदिग्ध लेनदेन की पहचान कर बैंक को अलर्ट भेजता है। चतुर्वेदी ने बताया कि सेंट्रल सेटलमेंट प्लेटफॉर्म की वजह से फ्रॉड गतिविधियों को पकड़ना आसान हो जाता है, क्योंकि इससे पूरे पेमेंट इकोसिस्टम की गतिविधियों पर एक साफ नज़र रखी जा सकती है।
ग्राहकों के लिए नई प्रणाली में तीन तरीके उपलब्ध रहेंगे—अपने बैंक ऐप से भुगतान करना, QR कोड स्कैन करना और यदि बैंक ने अभी तक नया सिस्टम लागू नहीं किया है तो पुराने वेब नेट बैंकिंग तरीके का उपयोग करना। इससे यूज़र को विकल्प मिलेगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। साथ ही शिकायत निवारण, चार्जबैक और व्यापारी सेटलमेंट से जुड़ी जानकारी भी अधिक स्पष्ट और स्टैंडर्ड होगी।
NetBanking 2.0 का उद्देश्य है कि भारत में डिजिटल पेमेंट को तेज़, आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जाए, ताकि हर वर्ग के लोग बिना किसी परेशानी के ऑनलाइन लेनदेन कर सकें।
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