केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने हाल ही में विकसित भारत बिल्डथॉन 2025 का शुभारंभ किया है। इस प्रतियोगिता में देशभर के स्कूलों के छठी से 12वीं कक्षा के छात्र भाग ले सकते हैं। इस बिल्डथॉन का उद्देश्य बच्चों के बीच नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि युवाओं की सोच से ही हमारा भारत विकसित हो सकता है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने क्या कहा
शिक्षा मंत्री ने लॉन्च इवेंट में बताया कि देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए बच्चों को अपने विचार और रचनात्मकता दिखाने का पूरा मौका मिलना चाहिए। उनका कहना है कि विकसित भारत बिल्डथॉन 2025 बच्चों के इनोवेटिव आइडियाज को पहचान दिलाने का बड़ा प्लेटफॉर्म है। मंत्री ने बच्चों को आगे बढ़कर आवेदन करने को कहा ताकि उनके नए विचार देश के लिए काम आ सकें।
छठी से 12वीं के छात्रों के लिए क्यों खास है
इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सिर्फ स्कूल जाने वाले बच्चे ही नहीं, बल्कि हर वह छात्र, जो छठी से लेकर 12वीं कक्षा में है, अपनी टीम या व्यक्तिगत रूप से आवेदन कर सकता है। जब बच्चों को ऐसी प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलता है तो वे अपने इनोवेशन के सपनों को असली रूप दे सकते हैं। शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया को बहुत ही आसान रखा है ताकि गांव से लेकर शहर तक के छात्र भाग ले सकें।
आवेदन कैसे करें, क्या है योग्यता
आवेदन करने के लिए छात्र को छठीं से 12वीं कक्षा में पढ़ना जरूरी है। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइट है। छात्र या उनकी टीमें अपने आइडियाज और प्रोजेक्ट्स की जानकारी वेबसाइट पर जाकर दर्ज करा सकते हैं। हर स्कूल से कई टीमें भाग ले सकती हैं। आवेदन करते समय छात्रों से उनके प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी और विचार पूछा जाएगा। पंजीकरण की अंतिम तिथि अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन जल्दी आवेदन करने की सलाह दी जाती है।
पुरस्कार की राशि और विजेताओं को मिलने वाले फायदे
विकसित भारत बिल्डथॉन 2025 के विजेताओं को सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये से अधिक का पुरस्कार दिया जाएगा। इतना बड़ा पुरस्कार पहले कभी इस स्तर की प्रतियोगिता में नहीं मिला था। विजेता बच्चों को सिर्फ नकद पुरस्कार ही नहीं, बल्कि उनके प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए mentoring, इंटरशिप, और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी। इससे बच्चों को सच में अपने सपनों को साकार करने का मौका मिलेगा।
बिल्डथॉन के मुख्य लक्ष्य और बच्चों के लिए फायदे
प्रतियोगिता का मुख्य लक्ष्य बच्चों में नवाचार और रचनात्मकता की भावना को बढ़ावा देना है। बच्चों को अपने रोजमर्रा के जीवन में भी नये आइडिया सोचने और उन्हें वास्तविक रूप देने की प्रेरणा मिलेगी। शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि देश में बदलाव लाने के लिए बच्चों की सोच और उनका उत्साह सबसे जरूरी है। बच्चों को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी नई चीजें सीखने और समझने का मौका मिलता है, जिससे उनका भविष्य उज्जवल हो सकता है।
बच्चों के जीवन में आएगा बदलाव
विकसित भारत बिल्डथॉन 2025 के जरिए देशभर के बच्चों को बेहतर मंच मिलेगा। जो बच्चे सोचते हैं कि उनके आइडिया बस सपने हैं, उन्हें अब अपनी सोच को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा। इससे बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा, और वे भविष्य में भी बड़ी प्रतियोगिताओं में भाग लेने को प्रेरित होंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि बच्चे ही देश की असली ताकत हैं।
अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका भी है जरूरी
बच्चों की सफलता के लिए माता-पिता और अध्यापक का उत्साहवर्धन भी बहुत जरूरी है। अगर अभिभावक और शिक्षक बच्चों को इस प्रतियोगिता के लिए प्रेरित करेंगे तो बच्चे ज्यादा बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। बच्चों को सही मार्गदर्शन देना, उनका हौसला बढ़ाना, और उनके विचारों को महत्व देना चाहिए। तभी बच्चे अपने नवाचारों को सही दिशा दे सकेंगे।
छात्र आज ही करें तैयारी और आवेदन
अगर आप छठी से 12वीं कक्षा के छात्र हैं और आपके पास कोई नया आइडिया है या आप अपने दोस्तों के साथ टीम बनाना चाहते हैं, तो इस विकसित भारत बिल्डथॉन में जरूर भाग लें। यह प्रतियोगिता बच्चों के सपनों को सच साबित करने के लिए एक बेहतरीन मौका है। प्रतियोगिता के नियम, आवेदन प्रक्रिया और बाकी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है। जल्दी आवेदन करें, और अपने भविष्य को नई दिशा दें।











