तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में आज सुबह चेवेला के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। एक तेज रफ्तार टिपर ट्रक ने राज्य परिवहन निगम की बस को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। इस तेलंगाना बस दुर्घटना में अब तक 19 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनों यात्री घायल हैं। हादसे के वक्त बस में 72 यात्री सवार थे। बचाव कार्य जारी है और घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
एक telangana crash survivor ने बताया कि हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। कंडक्टर की तरफ बैठे कुछ यात्री ही बच पाए, जबकि ड्राइवर साइड के लगभग सभी लोग मारे गए। यह हादसा सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाता है।
चश्मदीदों ने बताई दहशत की रात "हम खिड़की तोड़कर निकले बाहर"
चेवेला हादसे में बच निकले एक यात्री ने बताया, "मैं बस की बाईं ओर बैठा था। अचानक जोरदार धमाका हुआ और सब कुछ अंधेरे में डूब गया। जब होश आया तो मैं आधा बजरी के नीचे दबा हुआ था।" उन्होंने कहा कि कुछ यात्रियों ने हिम्मत दिखाकर खिड़कियों के शीशे तोड़े और लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की।
एक अन्य यात्री ने बताया कि ड्राइवर साइड का हिस्सा पूरी तरह कुचल गया था। कई लोग सीटों के नीचे फंसे रह गए। मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोग chevella bus collision के बाद तुरंत राहत कार्य में जुट गए। राहत कार्य के दौरान चेवेला थाने के इंस्पेक्टर श्रीधर भी घायल हो गए, जब एक जेसीबी मशीन उनके पैर पर चढ़ गई। हालांकि, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
विधायक बोले अधूरे चौड़ीकरण कार्य से बढ़ रहा हादसों का खतरा
चेवेला के विधायक काले यादैया ने इस rangareddy tragedy के पीछे सड़क की खराब स्थिति और अधूरे चौड़ीकरण कार्य को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि "यह मार्ग बेहद संकरा है और वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।" पांच साल पहले चौड़ीकरण की स्वीकृति मिल चुकी थी, लेकिन NGT में दायर केस की वजह से काम शुरू नहीं हो पाया।
अब जबकि केस वापस ले लिया गया है, काम दो दिन पहले ही फिर से शुरू हुआ था। यह हादसा एक चेतावनी है कि road safety अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। लगातार हो रहे हादसे सरकार और प्रशासन को मजबूर कर रहे हैं कि वे सड़क सुरक्षा पर गंभीरता से काम करें।
सड़क सुरक्षा के सबक - अब भी वक्त है सुधार का
तेलंगाना सरकार ने हादसे के तुरंत बाद उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। ट्रांसपोर्ट विभाग ने घोषणा की है कि सभी राज्य मार्गों पर भारी वाहनों की स्पीड मॉनिटरिंग और CCTV सर्विलांस बढ़ाया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादातर हादसे ओवरस्पीडिंग, नींद में ड्राइविंग और सड़क की खराब स्थिति के कारण होते हैं।
हाल के आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना में हर साल 15,000 से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं, जिनमें करीब 5,000 लोग अपनी जान गंवाते हैं। सरकार अगर अब भी सख्त कदम नहीं उठाती, तो ऐसे हादसे रुकना मुश्किल होगा। यह हादसा बताता है कि सड़क सुरक्षा सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सजगता से भी जुड़ी है।
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